जितने रुपये में बनी स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी, उतने में पूरे हो जाते 5 IIM, 2 IIT और इसरो के 6 मिशन

रिपोर्ट के मुताबिक, आईआईटी परिसर का निर्माण करने की अनुमानित लागत 1167 करोड़ रुपये हो जाएगी, और इस प्रकार मूर्ति में आए खर्च में दो आईआईटी बन सकते हैं। साथ ही, एएमएम तैयार करने की लागत 1103 करोड़ रूपये के रूप में दी गई है यानी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की लागत में दो एम्स बनकर तैयार हो सकते हैं।
sardar patel statue of unity
Sardar Patel Statue of Unity
गुजरात में बने लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर एक धड़े से यह आवाज भी उठ रही है कि जितने रुपये इस विशाल स्मारक को बनाने में खर्च किए गए, उतने में कई जन हितैषी काम हो सकते थे। इंडिया स्पेंड डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरदार पटेल की प्रतिमा बनाने में आई 2989 करोड़ रुपये की लागत में दो नए इंडियन इंस्स्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) परिसर, पांच इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) परिसर तैयार किए जा सकते हैं और 6 बार मंगल ग्रह के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) मिशन का चलाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक एक आईआईटी कैम्पस बनाने की अनुमानित लागत 1167 करोड़ रुपये आएगी इस प्रकार मूर्ति में आए खर्च में दो आईआईटी बन सकते हैं। वहीं, एक एम्स तैयार करने का खर्च 1103 करोड़ बताया गया है यानी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी की लागत में दो एम्स बनकर तैयार हो सकते हैं।

इतना ही नहीं, पांच नए स्थायी, आईआईएम कैंपस, जो मूर्ति की लागत में 539 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किए जा सकते हैं। 528 करोड़ रुपये की पांच 75 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए पांच नए सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा सकते हैं। मूर्ति की कीमत में 450 करोड़ रुपये के छह मंगल मिशन और 800 करोड़ रुपये के तीन चंद्रयान-द्वितीय मिशन चलाए जा सकते हैं। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि 2017-18 में गुजरात की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए आवंटित 365 करोड़ रुपए की तुलना में एकता की प्रतिमा की लागत आठ गुना अधिक है और राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 602 करोड़ रुपये की 56 नई योजनाएं योजनाओं के तहत जारी 32 परियोजनाओं की संख्या पांच गुना।



1090 करोड़ रुपये के गुजरात में चल रही दो जल पाइपलाइन परियोजनाओं से मूर्ति की लागत दोगुना हो गई है। पहला कदना जेलश की एक परियोजना है जिसके माध्यम से दाहोद और महिषागर जिलों की 10,000 हेक्टेयर भूमि सींची जा सकती है। दूसरी परियोजना सूरत जिले के 1800 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के बारे में है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात सरकार ने प्रधान मंत्री की कृषि सिंचाई योजना में 1114 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शामिल करने के लिए कहा है। मूर्ती की रकम उसके दोगुने से भी ज्यादा है। गुजरात सरकार द्वारा दिए गए प्रस्ताव के अनुसार, 40192 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई, 162 लघु सिंचाई योजनाओं में मरम्मत, नवीनीकरण और बहाली के लिए बीमा कवर लेना और 425 छोटे चेक डैम्स का निर्माण करना है। हमें बताएं कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 143 वीं जयंती पर बुधवार (31 अक्टूबर) को विंध्याचल और सतपुरा की पहाड़ियों के बीच नर्मदा नदी द्वीप पर सरदार पटेल के स्टेच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया।

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